“रज़िया सुल्तान का राजनीतिक नेतृत्व : मध्यकालीन भारत की प्रथम महिला शासक का ऐतिहासिक विश्लेषण”ID: 3929 Abstract :रजिया सुलतान मध्यकालीन भारत के इतिहास में एक साहसी, दूरदर्शी और कुशल महिला शासक के रूप में बहुत सम्मान से याद की जाती हैं। 1236 से 1240 ई. तक दिल्ली सल्तनत पर स्वतंत्र शासन करने वाली वह पहली और एकमात्र महिला थीं। उस समय राजनीतिक सत्ता मुख्यतः पुरुषों के हाथों में थी तथा महिलाओं की भूमिका राजमहलों तक सीमित मानी जाती थी। ऐसे वातावरण में रजिया सुलतान ने अपने प्रशासनिक कौशल, सैन्य नेतृत्व और न्यायपूर्ण शासन के माध्यम से यह सिद्ध किया कि शासन क्षमता और नेतृत्व योग्यता किसी लिंग पर नहीं, बल्कि व्यक्ति की प्रतिभा और दक्षता पर निर्भर करती है। इस शोध-पत्र में रजिया सुलतान के राजनीतिक नेतृत्व का ऐतिहासिक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। इसमें उनके शासनारोहण, प्रशासनिक रणनीतियों, सैन्य अभियानों, तुर्क अमीरों के विरोध, राजनीतिक चुनौतियों तथा नेतृत्व की प्रमुख विशेषताओं का अध्ययन किया गया है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि रजिया सुलतान ने अपने अल्पकालीन शासन में प्रशासनिक सुधारों, जनकल्याणकारी नीतियों, धार्मिक सहिष्णुता तथा न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रयास किया। यद्यपि सामंती मानसिकता और तुर्क कुलीन वर्ग के विरोध के कारण उनका शासन अधिक समय तक नहीं चल सका, फिर भी वे भारतीय इतिहास में महिला नेतृत्व और राजनीतिक सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। |
Published:17-9-2026 Issue:Vol. 26 No. 9 (2026) Page Nos:254 - 264 Section:Articles License:This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License. How to Cite |